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धनतेरस 2026 कब है? तारीख, पूजा मुहूर्त और महत्व की पूरी जानकारी

Daily TIme Khabar 31 October 2026 1 min read
धनतेरस 2026 के लिए पीतल के कलश, बर्तन, सिक्कों और दीपों का प्रतीकात्मक चित्र

जानकारी जाँची गई: 31 अक्टूबर 2026 · समय का संदर्भ: नई दिल्ली, IST

धनतेरस 2026 शुक्रवार, 6 नवंबर को मनाई जाएगी। यह दीपावली से पहले आने वाला धनत्रयोदशी पर्व है। इस दिन कई परिवार भगवान धन्वंतरि का स्मरण करते हैं और लक्ष्मी-कुबेर पूजन की परंपरा निभाते हैं। धनतेरस का भाव केवल खरीदारी तक सीमित नहीं है; परिवार के स्वास्थ्य, संतोष और समृद्धि के लिए कृतज्ञता भी इसके उत्सव का हिस्सा है।

धनतेरस 2026 की तारीख और पूजा मुहूर्त

दृक पंचांग के नई दिल्ली के विवरण के अनुसार धनतेरस पूजा का समय 6 नवंबर को शाम 6:02 से 7:57 बजे तक है। त्रयोदशी तिथि 6 नवंबर को सुबह 10:30 बजे शुरू होकर 7 नवंबर को सुबह 10:47 बजे समाप्त होगी। सभी समय भारतीय मानक समय (IST) में हैं। ये समय नई दिल्ली के लिए हैं; अपने शहर का पंचांग अलग से देखें।

धनतेरस क्यों मनाई जाती है?

धनतेरस को धनत्रयोदशी भी कहा जाता है। हिंदू परंपरा में इसका संबंध धन्वंतरि से जोड़ा जाता है। पौराणिक मान्यता के अनुसार समुद्र मंथन के समय वे अमृत कलश के साथ प्रकट हुए थे। यह धार्मिक कथा है। धन्वंतरि को आरोग्य से जोड़ा जाता है और कई परिवार इस दिन स्वास्थ्य के प्रति आभार व्यक्त करते हैं। लक्ष्मी और कुबेर की पूजा भी घरों तथा व्यापारिक प्रतिष्ठानों में प्रचलित है। अलग क्षेत्रों में पूजा की विधि और प्राथमिकता भिन्न हो सकती है।

पूजा के लिए क्या तैयारी रखें?

घर में पूजा का स्वच्छ स्थान चुनें। परिवार की परंपरा के अनुसार दीपक, रुई की बाती, तेल या घी, फूल, रोली, अक्षत, जल, प्रसाद और पूज्य देवताओं का चित्र अथवा प्रतिमा रखें। यह सुविधाजनक तैयारी की सूची है, हर वस्तु को अनिवार्य मानने की जरूरत नहीं। सामग्री एक थाली में पहले से रखने पर पूजा के बीच बार-बार उठना नहीं पड़ता। छोटे बच्चों को फूल सजाने जैसी सुरक्षित जिम्मेदारी दी जा सकती है।

घर में पूजा कैसे करें?

परिवार के प्रचलित तरीके से स्नान और स्वच्छ वस्त्रों के बाद पूजा स्थल तैयार करें। दीप जलाएँ, अपने आराध्य का स्मरण करें, फूल और प्रसाद अर्पित करें तथा परिवार के कल्याण की प्रार्थना करें। आरती के बाद प्रसाद बाँटें। किसी विस्तृत वैदिक अनुष्ठान या विशेष मंत्र-विधि के लिए अपने परिचित पुरोहित से मार्गदर्शन लें। एक ही घरेलू विधि को सभी समुदायों के लिए अंतिम नियम बताना सही नहीं होगा।

खरीदारी की परंपरा और समझदारी

इस अवसर पर बर्तन, सोना या चाँदी खरीदने की परंपरा कई घरों में है। महँगी वस्तु खरीदना पूजा की शर्त नहीं है। जरूरत की सूची और खर्च की सीमा पहले तय करें। दुकान पर वजन, शुद्धता की जानकारी, अंतिम कीमत और रसीद पढ़कर ही फैसला लें। त्योहार के नाम पर मिलने वाले अनजान भुगतान लिंक से बचें। केवल शुभ दिन होने के कारण किसी वस्तु से निश्चित आर्थिक लाभ होने का दावा भरोसेमंद आधार नहीं है।

यम दीपदान और दीपों की सावधानी

कुछ परिवार धनतेरस की शाम यम दीपदान भी करते हैं। उसका स्थान और तरीका पारिवारिक परंपरा के अनुसार रखें। दीप हमेशा स्थिर, गर्मी सहने वाली सतह पर रखें। कपड़े, पर्दे और सजावट को लौ से दूर रखें तथा जलता दीप बिना देखरेख न छोड़ें। प्रवेश द्वार पर दीप रखने से आने-जाने का रास्ता बाधित न हो। छोटे बच्चों और पालतू जानवरों की पहुँच से दीप दूर रखना आसान लेकिन उपयोगी तैयारी है।

क्या 2026 में आयुर्वेद दिवस भी धनतेरस को है?

नहीं। आयुष मंत्रालय ने आयुर्वेद दिवस की वार्षिक तारीख 23 सितंबर निर्धारित करने की घोषणा की है। पहले इसका आयोजन धनतेरस के साथ होता था। इसलिए धनतेरस की धार्मिक परंपरा और आयुर्वेद दिवस की वर्तमान सरकारी तारीख को एक नहीं समझना चाहिए। धन्वंतरि से जुड़ी आस्था अपनी जगह है; इससे सरकारी आयोजन की तारीख स्वतः तय नहीं होती।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

धनतेरस 6 नवंबर को है या 7 नवंबर को? नई दिल्ली के लिए यहाँ दिए गए दृक पंचांग के अनुसार पूजा शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को है, भले ही त्रयोदशी अगले दिन सुबह तक रहे। क्या खरीदारी करना जरूरी है? नहीं, इसे अपने बजट और जरूरत के अनुसार रखें। क्या यही मुहूर्त पूरे भारत का है? नहीं, पूजा का स्थानीय समय शहर के अनुसार बदलता है।

स्रोत और तारीख की जाँच

मुहूर्त स्थानीय सूर्योदय-सूर्यास्त और पंचांग पद्धति से प्रभावित होते हैं। ऊपर दिए समय नई दिल्ली के हैं। धार्मिक कथाएँ मान्यताओं के रूप में प्रस्तुत हैं।

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Featured image: D.T.K के लिए AI से बनाई गई प्रतीकात्मक illustration; वास्तविक आयोजन की फोटो नहीं।

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